BJP विधायक मिश्रीलाल यादव को 2019 के मारपीट मामले में जेल, कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा

BJP विधायक मिश्रीलाल यादव को 2019 के मारपीट मामले में जेल, कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा


 YouTube video link....https://youtu.be/N2H3nNNUiWA

**बीजेपी विधायक मिश्रीलाल यादव को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, 2019 के मारपीट मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला**


बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। दरभंगा जिले से भारतीय जनता पार्टी के विधायक मिश्रीलाल यादव को गुरुवार, 22 मई 2025 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला साल 2019 में हुए एक मारपीट कांड से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की जेल और 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।


**क्या है पूरा मामला?**


2019 में दरभंगा के रहने वाले उमेश मिश्रा ने अलीनगर विधायक मिश्रीलाल यादव और उनके साथी सुरेश यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 29 जनवरी की सुबह जब उमेश मिश्रा टहल रहे थे, तो विधायक और उनके साथियों ने उनके घर के बाहर हमला किया। उमेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि 20-25 लोगों के साथ मिलकर उन्हें पीटा गया, पैसे छीने गए और अपमानित भी किया गया।


पुलिस ने इस शिकायत पर जांच के बाद 12 अक्टूबर 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने 17 अप्रैल 2020 को इस मामले में संज्ञान लिया और फरवरी 2025 में विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। इसके खिलाफ विधायक ने अपील दायर की, जिसकी सुनवाई 22 मई 2025 को दरभंगा की सांसद-विधायक (MP/MLA) अदालत में हुई।


**अदालत ने क्यों भेजा जेल?**


सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर ने विधायक मिश्रीलाल यादव और उनके सहयोगी को कोर्ट में ही हिरासत में लेने का आदेश दिया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को न्यायिक हिरासत में ले लिया। विधायक ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने सजा के खिलाफ अपील दायर की थी और उन्हें सिर्फ 24 घंटे के लिए हिरासत में लिया गया है।


**राजनीतिक हलचल तेज**


इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक सत्तारूढ़ दल के विधायक का इस तरह जेल जाना ना सिर्फ पार्टी की छवि पर सवाल खड़े करता है, बल्कि न्यायपालिका के प्रति लोगों के विश्वास को भी चुनौती देता है। विपक्षी दलों ने अब तक इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन आने वाले समय में इसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनाया जा सकता है।


**क्या होगा आगे?**


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मिश्रीलाल यादव को अपील में राहत मिलेगी? क्या उनकी विधानसभा सदस्यता पर असर पड़ेगा? और क्या बीजेपी इस मसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देगी?


इस मामले ने न सिर्फ कानून के प्रति आम जनता के विश्वास को परखा है, बल्कि एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या जनप्रतिनिधि कानून से ऊपर हैं या कानून सभी के लिए समान है?

0 Response to "BJP विधायक मिश्रीलाल यादव को 2019 के मारपीट मामले में जेल, कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article