तेजस्वी के विधायक की दबंगई पड़ी महंगी
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**तेजस्वी के विधायक की दबंगई पड़ी महंगी — मनोज कुमार यादव पर सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज!**
बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सियासी घमासान मचा हुआ है। इस बार मामला जुड़ा है राजद के विधायक और मोतिहारी जिले के कल्याणपुर विधानसभा से पार्टी जिलाध्यक्ष मनोज कुमार यादव से, जिन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगा है। विधायक के खिलाफ कोटवा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
पूरा मामला शनिवार का बताया जा रहा है। मोतिहारी जिले के कोटवा थाना क्षेत्र के दिपउ एनएच पर एक अवैध कट को एनएचआई यानी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में बंद किया जा रहा था। सड़क सुरक्षा के मद्देनजर यह कार्रवाई की जा रही थी और कट पर गार्डर लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका था। इसी दौरान विधायक मनोज कुमार यादव अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और अवैध कट को बंद करने का विरोध करने लगे। बताया जा रहा है कि विधायक ने न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों से तीखी बहस की, बल्कि समर्थकों के साथ मिलकर गार्डर को हटाने का भी प्रयास किया।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ मोनिका आनंद और एनएचआई के पदाधिकारी ने विधायक को नामजद करते हुए अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। आरोप है कि विधायक ने सरकारी काम में बाधा डाली, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और नाजायज मजमा इकट्ठा किया। थानाध्यक्ष राजरूप राय ने जानकारी दी है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच विधायक मनोज कुमार यादव ने इस एफआईआर को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि तेजस्वी यादव की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई सरकार ने प्रशासन के इशारे पर उनके खिलाफ यह केस दर्ज करवाया है। विधायक ने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि वे स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए अवैध कट बंद करने का विरोध कर रहे थे।
विधायक की सफाई और प्रशासन के आरोपों के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। सवाल यह उठता है कि क्या एक जनप्रतिनिधि कानून का पालन करने की बजाय सड़कों पर उतरकर सरकारी काम में हस्तक्षेप करेगा? या फिर यह मामला सच में राजनीति से प्रेरित है? बिहार की राजनीति में यह मुद्दा अब गरमा चुका है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी पारा और चढ़ सकता है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विधायक पर लगे आरोपों की सच्चाई जल्द ही सामने आ सकती है। अब देखना यह है कि क्या विधायक मनोज कुमार यादव पर लगे आरोप अदालत में साबित होते हैं या यह मामला भी राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।
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