हिन्दू राष्ट्र के लिए बिहार से उठेगी पहली आवाज़ धीरेंद्र शास्त्री का ऐलान ?....
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गोपालगंज में बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा शुरू होते ही बिहार की राजनीति में हलचल मच गई। रामनगर स्थित श्रीराम जानकी मठ में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच उन्होंने हिंदू राष्ट्र, सनातन धर्म और हिंदू एकता का बिगुल फूंकते हुए कहा कि बिहार से ही हिंदू राष्ट्र की पहली आवाज उठेगी। कथा मंच से दिए गए उनके तीखे बयान अब सियासी गलियारों में गूंज रहे हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, *"भारत सनातन संस्कृति की भूमि है और यह हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा। मैं जब तक जिंदा हूं, हिंदू समाज के लिए लड़ता रहूंगा।"* उन्होंने हिंदू एकता पर जोर देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में धर्म को लेकर राजनीति हो रही है, लेकिन हिंदुओं के लिए खड़ा होने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा, *"अगर किसी देश से मुसलमानों को निकाला जाएगा तो 65 देश उनके समर्थन में खड़े हो जाएंगे, ईसाइयों के लिए 95 देश खड़े होंगे। मगर हिंदुओं के लिए कोई खड़ा नहीं होगा। इसलिए हमें खुद अपनी रक्षा करनी होगी, अपनी शक्ति को पहचानना होगा।"*
बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह धरती माता जानकी और भगवान बुद्ध की भूमि है, यहां के कण-कण में सनातन संस्कृति बसती है। उन्होंने अपने बिहार से पुराने नाते का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा से बिहार को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं और उनका उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार और हिंदू समाज को एकजुट करना है।
इस दौरान हाल के दिनों में छिड़ी औरंगजेब पर बहस पर भी उन्होंने अपनी राय रखी और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी कुछ लोग उसे महान बताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, *"हमारे देश में शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप की वीरता के किस्से गूंजते हैं। उनकी तलवारें धर्म और राष्ट्र के लिए चली थीं, लेकिन कुछ लोग आज भी औरंगजेब को महान साबित करने में लगे हैं। यह हमारी ऐतिहासिक चेतना पर प्रहार है।"*
बागेश्वर बाबा के इस बयान के बाद सियासी पारा और चढ़ गया है। हाल ही में AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान और जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने औरंगजेब को अच्छा शासक बताया था, जिस पर बीजेपी ने तीखा विरोध जताया था। अब धीरेंद्र शास्त्री के बयान ने इस विवाद को और हवा दे दी है। बीजेपी के नेताओं ने उनके बयान का समर्थन किया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे ध्रुवीकरण की राजनीति बताया है।
बिहार में यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। तमाम राजनीतिक दल अपने वोट बैंक को साधने में जुटे हैं और ऐसे में हिंदू राष्ट्र और सनातन धर्म का मुद्दा चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है। धीरेंद्र शास्त्री के समर्थक जहां उनके बयानों को सनातन धर्म की रक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं उनके विरोधी इसे धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास मान रहे हैं।
बागेश्वर बाबा ने अपने बयान से साफ कर दिया है कि उनकी हिंदू राष्ट्र की मांग केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता से भी जुड़ी है। उन्होंने कहा, *"देश में बदलाव की बयार बह रही है। हिंदू समाज जाग रहा है। अब हिंदू घटेगा नहीं, बंटेगा नहीं। हमें पूरा विश्वास है कि भारत हिंदू राष्ट्र होकर रहेगा।"*
उनकी इस घोषणा ने बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। क्या हिंदू राष्ट्र की यह मांग महज एक धार्मिक भावना है, या फिर इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक रणनीति भी काम कर रही है? यह सवाल अब बिहार की राजनीति में गर्मा रहा है, और आने वाले दिनों में इस पर और चर्चाएं होना तय है।
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