Tejashwi देसी, बाकी बाहरी: पटना की दीवारों पर पोस्टर वार से गरमाई बिहार की सियासत

Tejashwi देसी, बाकी बाहरी: पटना की दीवारों पर पोस्टर वार से गरमाई बिहार की सियासत


 YouTube video link....https://youtu.be/GO_LQPCc3P4

**तेजस्वी बनाम चिराग: बिहार में पोस्टर वॉर से गरमाई सियासत, RJD ने नीतीश को दी चेतावनी**


बिहार की राजनीति इन दिनों पोस्टर पॉलिटिक्स के जरिए नए मोड़ लेती दिख रही है। चुनावी मौसम नजदीक है और सियासी दल अब पोस्टरों के जरिए एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। राजधानी पटना की दीवारों पर जगह-जगह पोस्टर लगाए जा रहे हैं, जिनमें नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। हाल ही में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से जारी एक पोस्टर के जवाब में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी जोरदार पलटवार किया है।


राजद द्वारा लगाए गए पोस्टर में तेजस्वी यादव को ‘शुद्ध देसी बिहारी’ बताया गया है, जबकि बाकी नेताओं को ‘बाहरी’ करार दिया गया है। इस पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, चिराग पासवान और सम्राट चौधरी की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर में चिराग पासवान पर कटाक्ष करते हुए लिखा गया है – “राजनीति का चिराग जलने वाला नहीं है।” यही नहीं, पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चेतावनी देते हुए लिखा गया – “ये लोग आपको धोखा देते आए हैं, बुझ जाइए चाचा।”


राजद का यह पोस्टर सीधे-सीधे चिराग पासवान और सम्राट चौधरी की महत्वाकांक्षा पर सवाल खड़ा करता है। पोस्टर में चिराग को ‘मुङ्गेरीलाल’ बताया गया है, जो मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। साथ ही सम्राट चौधरी के बारे में भी कहा गया है कि उनके मन में भी लड्डू फूट रहा है। यह इशारा इस बात की ओर है कि दोनों नेता मुख्यमंत्री बनने की चाह रखते हैं, जबकि सार्वजनिक रूप से वे नीतीश कुमार के समर्थन की बात कहते हैं।


गौरतलब है कि यह पोस्टर वार उस वक्त शुरू हुआ जब 20 मई को एलजेपीआर के शेखपुरा जिलाध्यक्ष इमाम गजाली ने एक पोस्टर लगाया, जिसमें चिराग पासवान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी बताने की कोशिश की गई थी। उसमें दावा किया गया था कि चिराग को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद मिल गया है। इसी पोस्टर के जवाब में RJD ने अपनी तरफ से पोस्टर लगाकर सियासी हमला किया है।


राजद ने यह भी याद दिलाया कि 2015 में जब जेडीयू ने आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, तब उन्हें 72 सीटें मिली थीं। वहीं, 2020 में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर जेडीयू को केवल 43 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। यह इशारा नीतीश कुमार की राजनीति की गिरती स्थिति की ओर है।


इस पोस्टर वॉर ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। आरजेडी जहां तेजस्वी यादव को असली बिहार का बेटा और मुख्यमंत्री पद के योग्य उम्मीदवार बता रही है, वहीं एलजेपीआर और बीजेपी नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात दोहराते रहे हैं। चिराग पासवान और सम्राट चौधरी दोनों ही सार्वजनिक रूप से कहते आए हैं कि उनकी कोई मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा नहीं है, लेकिन आरजेडी इसे ‘राजनीतिक दिखावा’ करार दे रही है।


फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि पोस्टरों के इस सियासी युद्ध का जनता पर कितना असर पड़ता है और क्या यह वोटों में तब्दील होता है या नहीं। लेकिन इतना तय है कि बिहार का चुनावी मैदान अभी से गरम हो चुका है, और आगे इसमें और भी कई दिलचस्प मोड़ आ सकते हैं।


**– रिपोर्ट: राधा राणा**

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