Sushil Modi की पुण्यतिथि अब राजकीय समारोह के रूप में मनेगी, रानी पार्क का हुआ नामकरण
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**राजकीय सम्मान के साथ मनेगी सुशील मोदी की पुण्यतिथि: नीतीश कुमार ने किया बड़ा ऐलान**
*लेखिका: राधा राणा*
बिहार की राजनीति में एक नई मिसाल कायम हुई है। स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी जैसे जमीनी नेता की पुण्यतिथि अब हर साल **राजकीय समारोह** के रूप में मनाई जाएगी। इस ऐलान के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न सिर्फ एक दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी, बल्कि बिहार की राजनीतिक परंपरा में संवेदनशीलता और सम्मान की एक नई लकीर खींच दी है।
मंगलवार को पटना के राजेन्द्र नगर स्थित **रानी पार्क** में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने यह भी ऐलान किया कि रानी पार्क का नाम अब बदलकर **"सुशील कुमार मोदी स्मृति पार्क"** कर दिया गया है और जल्द ही इस पार्क में मोदी जी की आदमकद प्रतिमा भी लगाई जाएगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे – उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक और विधान पार्षदों ने स्व. मोदी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी धर्मपत्नी जेसी जॉर्ज भी इस दौरान भावुक दिखीं और पति के सामाजिक समर्पण को याद करते हुए उन्हें सच्चा जननेता बताया।
**राजनीति में स्वच्छ छवि की मिसाल**
सुशील कुमार मोदी उन नेताओं में गिने जाते थे जो सादगी, पारदर्शिता और जनहित की राजनीति में यकीन रखते थे। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि सुशील मोदी का चारों सदनों – लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद – में प्रतिनिधित्व करना यह दिखाता है कि वे हर स्तर पर जनता के विश्वास पर खरे उतरे।
**सामाजिक चेतना और देहदान का संकल्प**
राजनीति से इतर सुशील मोदी का सामाजिक योगदान भी बेहद अहम था। उन्होंने देहदान और अंगदान की पहल शुरू की थी। हालांकि कैंसर के कारण उनके अंगों का उपयोग नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने समाज को यह सिखाया कि जीवन के अंतिम क्षण भी दूसरों के काम आ सकते हैं।
**जननेता को सच्ची श्रद्धांजलि**
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि सुशील मोदी एक विचारधारा थे। उन्होंने नीतियों, सिद्धांतों और सच्चाई पर अडिग रहते हुए पूरे जीवन जनसेवा की। उन्होंने जनता से अपील की कि "सुशील कुमार मोदी स्मृति पार्क" को एक प्रेरणास्थल के रूप में देखा जाए, जहां युवा राजनीति के असली मायने समझें।
**निष्कर्ष**
सुशील मोदी की पुण्यतिथि को राजकीय समारोह का दर्जा देकर बिहार सरकार ने यह संदेश दिया है कि ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता और जनता के प्रति निष्ठा को कभी भुलाया नहीं जाता। आज जब राजनीति पर अक्सर सवाल उठते हैं, ऐसे में सुशील मोदी जैसे नेता लोगों के दिलों में उम्मीद की लौ जगाते हैं। उनकी स्मृति में बना यह पार्क और प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सिखाएगी कि सच्ची राजनीति का मतलब क्या होता है।
सुशील मोदी अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी छवि, उनके विचार और उनके कर्म हमेशा लोगों को राह दिखाते रहेंगे। उनके जीवन से प्रेरणा लेने का यही सही समय है।
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