Giriraj Singh का बड़ा बयान: 'आतंक का नाश होगा,
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**'आतंक का नाश होना है'—पाकिस्तान पर गरजे गिरिराज सिंह, बोले- पीओके भारत का था, है और रहेगा**
**लेख: राधा राणा**
बेगूसराय: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एक बार फिर अपने तीखे तेवरों के साथ पाकिस्तान पर बरसे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद का अंत अब ज़रूरी हो गया है और पीओके यानी पाक अधिकृत कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब देश आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के दौर से गुजर रहा है, और हाल ही में संपन्न हुए *ऑपरेशन सिंदूर* ने आतंक के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दुनिया के सामने रख दिया है।
गिरिराज सिंह ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देश आज खुद ही अंतरकलह से जूझ रहा है। बलूचिस्तान के लोग अलग देश की मांग कर रहे हैं और पीओके में अलग ही उथल-पुथल मची है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब खुद अपनी नीतियों और आतंक के पोषण की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है।
अपने भाषण में गिरिराज सिंह ने आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने अमेरिका में 9/11 के हमले और भारत में 26/11 मुंबई हमलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद ने कभी किसी देश या समाज का भला नहीं किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे आज दुनिया में आतंक के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्हें इसमें दुनिया का साथ भी मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने *ऑपरेशन सिंदूर* की सफलता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने आतंकियों को निशाना बनाया, लेकिन आम जनता को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वहां की सेना और आतंकी संगठन मिलकर भारत की सीमाओं पर हमले करते हैं, जबकि भारत ने हमेशा सिर्फ आतंकवाद पर हमला किया है, न कि पाकिस्तान की जनता पर।
गिरिराज सिंह ने कहा, "कल भी पाकिस्तान में एक आतंकी मारा गया, किसने मारा यह मायने नहीं रखता, लेकिन यह साफ है कि आतंक के खात्मे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं करेगा, अब भारत पहले वार करेगा अगर उसकी सुरक्षा पर खतरा होगा।"
उन्होंने तिरंगा यात्रा का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह यात्रा भारतीय सैनिकों के शौर्य को नमन करने और देशवासियों को एकजुट करने का प्रतीक है। बता दें कि यह यात्रा *ऑपरेशन सिंदूर* की सफलता के बाद निकाली जा रही है, जिसका उद्देश्य है देश के नागरिकों को यह संदेश देना कि भारत अब आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
गिरिराज सिंह का यह बयान राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया है तो कुछ ने इसे पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को और खराब करने वाला करार दिया है। लेकिन एक बात तो तय है कि भारत की नीति अब स्पष्ट होती जा रही है—देश की सुरक्षा सर्वोपरि है, और आतंक के खिलाफ लड़ाई में अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर ये साबित कर दिया है कि भारत अब सिर्फ निंदा नहीं करता, बल्कि जवाब देता है—सटीक, सशक्त और समय पर। पीओके को लेकर दिए गए मंत्री के बयान ने यह भी साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार की नज़रें अब सिर्फ आतंकी गुटों पर नहीं, बल्कि उन ज़मीनों पर भी हैं जो कभी भारत का हिस्सा थीं।
**निष्कर्ष:**
गिरिराज सिंह के ये तेवर न सिर्फ पाकिस्तान को चेतावनी हैं, बल्कि भारतवासियों को भी यह भरोसा देते हैं कि अब देश पहले से ज़्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है। आने वाले समय में भारत की रणनीति और अधिक आक्रामक हो सकती है—और इसका केंद्र होगा: आतंक का समूल नाश।
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