Tejashwi Yadav ने संभाली 'लालू वाली जगह, RJD की बैठक में दिखा नया नेतृत्व और 2025 चुनाव की तैयारी
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**तेजस्वी यादव ने संभाली 'लालू वाली जगह', राजद की बैठक में दिखा नया नेतृत्व और 2025 चुनाव की तैयारी**
पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के युवा नेता तेजस्वी यादव ने पार्टी की एक अहम समीक्षा बैठक में खुद को पूर्ण रूप से एक सशक्त नेता के तौर पर प्रस्तुत किया। इस बैठक में न सिर्फ आगामी विधानसभा चुनाव 2025 की रणनीति पर चर्चा हुई, बल्कि यह भी साफ हो गया कि अब पार्टी की बागडोर पूरी तरह से तेजस्वी यादव के हाथों में है। लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब तेजस्वी के कंधों पर आ चुकी है।
राजद की यह बैठक पटना स्थित पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित की गई, जहां तेजस्वी यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में साफ शब्दों में कहा कि पार्टी को अब गरीबों, दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों से गहराई से जुड़ना होगा, क्योंकि यही वर्ग राजद की असली ताकत रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज़ बनकर उभरे, तभी पार्टी को असली सफलता मिलेगी।
तेजस्वी यादव ने भाजपा और एनडीए पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग अफवाहों और नफरत का माहौल फैलाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठनात्मक मजबूती और विचारधारा की स्पष्टता के माध्यम से इस दुष्प्रचार का मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि हमें नफरत का जवाब एकता से और अफवाहों का जवाब विचारों से देना है।
बैठक में तेजस्वी यादव का आत्मविश्वास, उनकी शैली और नेतृत्व का तरीका बिल्कुल उनके पिता लालू प्रसाद यादव की झलक देता है। जिस तरह तेजस्वी ने बैठक को संबोधित किया, उससे यह स्पष्ट हो गया कि अब वह केवल एक नेता नहीं, बल्कि पार्टी के मुखिया के तौर पर अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लालू यादव अब पीछे हट चुके हैं और उन्होंने अपनी पूरी शक्ति तेजस्वी को सौंप दी है।
इस बैठक में पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता जैसे शिवानंद तिवारी, उदय नारायण चौधरी, मनोज झा, अब्दुल बारी सिद्दीकी, अली अशरफ फातमी, मंगनीलाल मंडल और झारखंड सरकार के मंत्री संजय यादव समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने तेजस्वी के नेतृत्व का समर्थन किया और एकजुट होकर 2025 के चुनाव में एनडीए को टक्कर देने की रणनीति पर विचार किया।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि यह समय पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जनता का भरोसा धीरे-धीरे राजद के पक्ष में बढ़ रहा है और ऐसे में पार्टी के हर कार्यकर्ता का यह कर्तव्य बनता है कि वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनावी जंग केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारों की लड़ाई है और इसमें जीत तभी मिलेगी जब जनता के असली मुद्दों को समझा और सुलझाया जाएगा।
राजद की यह बैठक न केवल एक संगठनात्मक चर्चा थी, बल्कि यह एक संकेत भी था – तेजस्वी यादव अब पार्टी की असली कमान संभाल चुके हैं। उनकी रणनीति स्पष्ट है, उनका लक्ष्य निश्चित है और उनका नेतृत्व अब पहले से कहीं अधिक मजबूत दिखाई दे रहा है। 2025 का विधानसभा चुनाव उनके लिए एक परीक्षा है, लेकिन अगर पार्टी इसी तरह संगठित और विचारधारा से प्रेरित होकर आगे बढ़ती रही, तो राजद एक बार फिर सत्ता की ओर कदम बढ़ा सकती है।
**निष्कर्ष:**
राजद की यह समीक्षा बैठक बिहार की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बन गई है। तेजस्वी यादव अब केवल एक युवानेता नहीं, बल्कि लालू यादव की जगह लेने वाले राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में खुद को स्थापित कर चुके हैं। अब देखना यह है कि 2025 के चुनाव में वे जनता के विश्वास पर कितना खरा उतरते हैं।
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