हिंदू गांव' के ऐलान पर सियासत गरमाई, RJD बोली– "धर्मनिरपेक्ष देश में ऐसा नहीं चलेगा

हिंदू गांव' के ऐलान पर सियासत गरमाई, RJD बोली– "धर्मनिरपेक्ष देश में ऐसा नहीं चलेगा


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**'हिंदू गांव' के ऐलान पर सियासत गरमाई, RJD बोली– "धर्मनिरपेक्ष देश में ऐसा नहीं चलेगा"**

पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा 'हिंदू गांव' की घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बागेश्वर धाम में अगले दो साल में बनने वाले इस हिंदू ग्राम को लेकर आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भले ही धीरेंद्र शास्त्री ज्ञानी हों, लेकिन उन्हें बयान देने से पहले देश का इतिहास जरूर पढ़ना चाहिए। मंगलवार को औरंगाबाद पहुंचे भाई वीरेंद्र ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह देश सिर्फ हिंदुओं का नहीं बल्कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मों का है। देश की आजादी में सभी ने मिलकर कुर्बानी दी है, ऐसे में किसी एक धर्म को लेकर इस तरह की घोषणाएं न सिर्फ संविधान के खिलाफ हैं बल्कि देश की एकता को तोड़ने वाली भी हैं।

भाई वीरेंद्र ने सवाल किया कि जब देश आजाद हो रहा था, तब धीरेंद्र शास्त्री के पूर्वज कहां थे? क्या वे अंग्रेजों के साथ थे, या आरएसएस में शामिल थे? उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोग आग लगाने का काम कर रहे हैं और देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, और इस राष्ट्र में इस तरह के धार्मिक एजेंडे को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शास्त्री के वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि लोग सब देख और समझ रहे हैं कि वे क्या कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, भाई वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब सरकार मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि कुछ अधिकारी और नेता चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, और वे अब पहले जैसे नहीं रह गए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिहार में आरजेडी की सरकार बनी तो वक्फ संशोधन बिल लागू नहीं होगा। उन्होंने तेजस्वी यादव के बयान का समर्थन किया और कहा कि यह बिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ है।

भाई वीरेंद्र ने प्रशांत किशोर पर भी हमला बोला और उन्हें बीजेपी की बी टीम करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की राजनीति में कोई भूमिका नहीं है और उनकी पार्टी भी ज्यादा दूर नहीं जाएगी। वहीं, जब उनसे शिवदीप लांडे के राजनीति में आने और नई पार्टी बनाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह उन्हें नहीं जानते और इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

कुल मिलाकर, धीरेंद्र शास्त्री की ‘हिंदू गांव’ की घोषणा ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर धर्मनिरपेक्षता बनाम धार्मिक एजेंडे की बहस को हवा दे दी है। आरजेडी ने साफ कर दिया है कि वे इस तरह के प्रयासों का पुरजोर विरोध करेंगे और संविधान की मर्यादा में रहकर सभी धर्मों के सम्मान की बात करेंगे।

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