बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन की बड़ी बैठक, क्या तेजस्वी यादव बनेंगे सीएम पद का चेहरा?

बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन की बड़ी बैठक, क्या तेजस्वी यादव बनेंगे सीएम पद का चेहरा?


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बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, राजनीतिक हलचलें तेज़ होती जा रही हैं। चुनाव से पहले पटना में आज महागठबंधन की एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज़ है। इस बैठक में बिहार की राजनीति की कई बड़ी तस्वीरें साफ़ हो सकती हैं। खास बात ये है कि इस बैठक में तेजस्वी यादव के नाम पर मुख्यमंत्री पद के चेहरे की मुहर भी लग सकती है। इस बैठक में सीटों के बंटवारे से लेकर चुनाव प्रचार और रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी। 


आज दोपहर 2 बजे से ये बैठक पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कार्यालय में शुरू होगी। इस अहम बैठक में राजद, कांग्रेस, VIP पार्टी के मुकेश सहनी, वाम दल CPI, CPM और CPI(ML) के प्रदेश अध्यक्ष शामिल होंगे। इसके अलावा चर्चा है कि पशुपति पारस भी इस गठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं, जिस पर आज के मीटिंग में फैसला संभव है। 


दरअसल, बीते दिनों तेजस्वी यादव ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही यह साफ़ हो गया था कि बिहार में महागठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर गहन मंथन शुरू हो चुका है। तेजस्वी यादव ने उस समय ये भी कहा था कि बातचीत सकारात्मक रही है और पटना में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 


महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर इस बार टकराव की स्थिति भी बन सकती है। बिहार की 243 विधानसभा सीटों में RJD करीब 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। वहीं कांग्रेस 70 सीटें चाहती है। वामदलों की मांग भी इस बार बढ़ी हुई है क्योंकि उन्होंने पिछली बार अच्छा प्रदर्शन किया था। ऐसे में महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। 


एक तरफ जहां सीटों के बंटवारे पर खींचतान जारी है, वहीं दूसरी ओर तेजस्वी यादव को एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने की अटकलें भी तेज़ हो गई हैं। महागठबंधन की रणनीति यही है कि चुनाव से पहले ही चेहरे को लेकर एक स्पष्ट संदेश जनता के बीच जाए ताकि बीजेपी और एनडीए के मुकाबले गठबंधन मज़बूती से खड़ा हो सके। 


इसी के साथ बैठक में पशुपति पारस की पार्टी के महागठबंधन में शामिल होने पर भी विचार होगा। अगर पारस इस गठबंधन में शामिल होते हैं तो इससे महागठबंधन को एक अलग सामाजिक समीकरण का फायदा हो सकता है। 


बिहार की राजनीति में ये बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि बीजेपी भी लगातार अपनी रणनीति को धार दे रही है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने महागठबंधन की इस कवायद पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद का गठबंधन स्वार्थ और सत्ता की राजनीति पर टिका हुआ है। उन्होंने कहा कि राजद तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है और कांग्रेस सिर्फ 'झोला उठाने' का काम कर रही है। 


वहीं तेजस्वी यादव ने इन तमाम आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और एनडीए के खिलाफ मजबूत रणनीति के साथ चुनाव में उतरेगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन की बैठक सकारात्मक दिशा में जा रही है और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए ही हर फैसला लिया जाएगा। 


अब देखना यह है कि इस बैठक में तेजस्वी यादव को औपचारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाता है या नहीं। इसके साथ ही महागठबंधन की रणनीति और सीटों का गणित क्या रूप लेता है, ये भी आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगा। बिहार की जनता की नज़रें इस बैठक के नतीजों पर टिकी हुई हैं।

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