अब नहीं चलेगा सोशल मीडिया पर बगावत का सुर! बिहार में शिक्षकों पर गिरी गाज

अब नहीं चलेगा सोशल मीडिया पर बगावत का सुर! बिहार में शिक्षकों पर गिरी गाज


 YouTube video link....https://youtu.be/ZP_TzQubx1E

**अब नहीं चलेगा सोशल मीडिया पर बगावत का सुर! बिहार में शिक्षकों पर गिरी गाज, विभाग बोला– आलोचना करोगे तो होगी कार्रवाई!**


बिहार के शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब अगर कोई सरकारी शिक्षक सोशल मीडिया पर विभाग की आलोचना करता पाया गया, तो उस पर सीधी कार्रवाई होगी। विभाग ने इसको लेकर साफ-साफ निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, बीते कुछ समय से यह देखने को मिल रहा था कि कई शिक्षक फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शिक्षा विभाग की नीतियों और कामकाज को लेकर खुलकर टिप्पणी कर रहे थे। वीडियो पोस्ट किए जा रहे थे, शिकायतें साझा की जा रही थीं और कई बार भाषा भी मर्यादा के बाहर जा रही थी। 


अब विभाग ने यह साफ कर दिया है कि इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं होंगी। प्राथमिक शिक्षा की निदेशक साहिला द्वारा 3 अप्रैल को एक आधिकारिक पत्र सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि सभी शिक्षकों को चेताया जाए कि वे सोशल मीडिया पर विभाग की आलोचना न करें। यदि कोई शिक्षक ऐसा करता है, तो उसे चिन्हित कर बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 के तहत विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।


पत्र में ये भी लिखा गया है कि सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियां करना सेवा नियमों के खिलाफ है। इससे विभाग की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। इसलिए अब सभी शिक्षकों को कहा गया है कि अगर उन्हें कोई शिकायत या सुझाव देना है, तो विभाग के टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। किसी भी हालत में फेसबुक, ट्विटर या अन्य पब्लिक प्लेटफॉर्म्स पर अपनी बात न रखें।


शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है, लेकिन कई शिक्षक संगठनों ने इस आदेश पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शिक्षक सिर्फ अपनी समस्याएं जनता के सामने रख रहे थे, ताकि सरकार जागे और सुधार हो। सोशल मीडिया ही वह जरिया था जिससे आवाज ऊपर तक पहुंच रही थी। अब उसे भी बंद करने की कोशिश की जा रही है।


अब बड़ा सवाल ये है कि क्या इस फैसले से शिक्षकों की आवाज दबेगी? क्या वे डर के माहौल में काम करेंगे? या फिर शिक्षा विभाग के इस सख्त रुख से व्यवस्था में कोई सकारात्मक बदलाव आएगा?  


बिहार की शिक्षा व्यवस्था पहले से ही कई समस्याओं से घिरी है। ऐसे में शिक्षक अगर बोल भी नहीं पाएंगे, तो क्या हालात और बिगड़ेंगे? यह वक्त बताएगा। फिलहाल तो इतना तय है कि बिहार का शिक्षा विभाग अब सोशल मीडिया पर बगावत का सुर बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है।

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