‘शराबबंदी कानून बना मज़ाक, गरीब बन रहे हैं निशाना’ — तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर तीखा हमला!
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बिहार में शराबबंदी कानून एक बार फिर सियासी बहस का मुद्दा बन गया है। नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि बिहार में शराबबंदी कानून अब मज़ाक बनकर रह गया है। तेजस्वी यादव का कहना है कि इस कानून की आड़ में सबसे ज़्यादा गरीब, दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असली तस्करों और सप्लायर्स पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
आरजेडी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से जारी है और इसका आंकड़ा 40 हज़ार करोड़ रुपये से भी ऊपर पहुंच चुका है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह सारा खेल पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस के कुछ अधिकारी इस धंधे में शामिल हैं और शराबबंदी कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने बताया कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद अब तक लगभग 14 लाख 20 हजार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इनमें से ज्यादातर गरीब, दलित और पिछड़े तबकों के लोग क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई हमेशा कमजोर वर्ग के लोगों पर ही क्यों होती है, जबकि असली सप्लायर्स और तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं।
तेजस्वी ने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी हवाला दिया, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि बिहार में शराब की तस्करी पुलिस की मिलीभगत से हो रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का असली काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन आज पुलिस का ध्यान भ्रष्टाचार, उगाही और शराब माफिया को संरक्षण देने में लगा हुआ है।
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी तादाद में गरीब लोगों को जेल भेजा जा सकता है तो अब तक किसी भी जिले के एसपी, डीएसपी या किसी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर केवल गरीबों पर शिकंजा कस रही है और असली गुनहगारों को छोड़ रही है।
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने ऐलान किया कि 14 अप्रैल को संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर आरजेडी हर पंचायत के दलित टोलों और मोहल्लों में कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने जो संविधान दिया है, उसकी आत्मा समानता और न्याय पर आधारित है, लेकिन बिहार में गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है।
तेजस्वी यादव का कहना है कि बिहार सरकार को अब ये साफ करना होगा कि शराबबंदी कानून आखिर किसके लिए है? गरीबों के लिए या फिर सिर्फ एक दिखावे की सख्ती के लिए? उन्होंने मांग की कि भ्रष्ट अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जो इस कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
तेजस्वी ने कहा कि शराबबंदी कानून लागू करना अगर सरकार का ईमानदार फैसला है तो उसे यह साबित करना होगा कि असली तस्करों और सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई करके ही वह कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखा सकती है।
फिलहाल, बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच घमासान तेज़ हो चुका है। अब देखना ये है कि नीतीश सरकार तेजस्वी यादव के इन आरोपों पर क्या सफाई देती है और इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
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