323% अपराध बढ़ा, कांग्रेस का NDA पर वार — क्या बिहार में सुरक्षित है जनता? | Congress | Nitish Kumar

323% अपराध बढ़ा, कांग्रेस का NDA पर वार — क्या बिहार में सुरक्षित है जनता? | Congress | Nitish Kumar


 YouTube video link....https://youtu.be/WbLoUnCC8wg

बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल धीरे-धीरे गरम होता जा रहा है, और अब विपक्ष ने अपराध के आंकड़ों को हथियार बनाकर एनडीए सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है। झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय कुमार ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि 2005 के बाद से बिहार में अपराध में 323 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सीधे तौर पर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जब राज्य में पुलिसकर्मी खुद सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। अजय कुमार ने आरोप लगाया कि बिहार को अपराधियों का विश्वविद्यालय बना दिया गया है, जहां अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है और अपराध बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी इस बार चुनाव में किसी भी आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को टिकट नहीं देगी और महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों पर भी यही दबाव डालेगी कि वे भी इस दिशा में गंभीरता दिखाएं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय कुमार ने साल 2005 और 2022 के आंकड़ों की तुलना करते हुए कहा कि 2005 में जहां कुल 1,07,664 अपराध दर्ज हुए थे, वहीं 2022 में यह आंकड़ा 3,47,835 तक पहुंच गया। यानी प्रतिदिन औसतन 953 अपराध हो रहे हैं, जिसमें हर दिन 8 हत्याएं, 33 अपहरण, 136 गंभीर आपराधिक घटनाएं, 55 महिला अपराध, महिलाओं के 28 अपहरण, दो से अधिक दुष्कर्म और 17 बच्चों के अपहरण जैसे मामले शामिल हैं। ये आंकड़े किसी भी राज्य की कानून व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर स्थिति है और इससे यह सवाल उठता है कि आखिर इतने वर्षों के शासन के बावजूद अपराध पर नियंत्रण क्यों नहीं हो सका।

सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस विभाग में भारी खाली पदों की तरफ भी इशारा किया। अजय कुमार ने बताया कि राज्य में पुलिस की कुल स्वीकृत क्षमता दो लाख से ज्यादा है, लेकिन नीतीश कुमार सरकार ने अब तक केवल एक लाख पदों पर ही बहाली की प्रक्रिया शुरू की है। यानी जो व्यवस्था अपराध पर लगाम लगाने के लिए जिम्मेदार होनी चाहिए, वो खुद ही कमजोर स्थिति में है। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या सरकार जानबूझकर इस तरफ से आंख मूंदे बैठी है?


वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनके शासन में दलितों और पिछड़ों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों, महिलाओं और बच्चों पर हो रहे अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना ही होगा। राजेश कुमार ने कहा कि इस बार कांग्रेस जनता के मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी और अपराधियों को टिकट न देने का वादा भी निभाया जाएगा।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद अन्य नेताओं ने भी यही दोहराया कि नीतीश सरकार की नीतियां केवल सत्ता में बने रहने तक सीमित हैं और जनता के हित में कुछ नहीं किया जा रहा है। मौके पर डॉ. मदन मोहन झा, राजेश राठौड़, कपिलदेव प्रसाद यादव, और मोतीलाल शर्मा जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिन्होंने एक सुर में कहा कि अब जनता जाग चुकी है और इस बार चुनाव में वह विकास के नाम पर नहीं, बल्कि हकीकत और ज़मीनी सच्चाई को देखकर मतदान करेगी।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर एक बार फिर नीतीश सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आंकड़ों के ज़रिए जब विपक्ष सरकार की विफलताओं को उजागर करता है, तो आम जनता का भरोसा डगमगाने लगता है। अब देखना ये होगा कि एनडीए की तरफ से इस पर क्या सफाई आती है, और क्या सरकार इन आरोपों को केवल राजनीतिक बयानबाज़ी कहकर टालने की कोशिश करती है या फिर वाकई में इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम उठाने का वादा करती है।

बिहार की राजनीति में अपराध हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहा है, और जब चुनाव करीब आते हैं, तो इस पर बहस और तीखी हो जाती है। कांग्रेस की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने इस बहस को और ज़्यादा गहरा कर दिया है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या जनता इन आंकड़ों को देखकर अपना फैसला बदलेगी या फिर चुनावी वादों और जातीय समीकरणों का प्रभाव इस बार भी निर्णायक साबित होगा। ये सवाल तो चुनावी नतीजों के बाद ही साफ होगा, लेकिन फिलहाल बिहार की राजनीति में गर्मी तेज़ होती दिख रही है।

0 Response to "323% अपराध बढ़ा, कांग्रेस का NDA पर वार — क्या बिहार में सुरक्षित है जनता? | Congress | Nitish Kumar"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article