सट्टे की लत,कर्ज का जाल और सुसा/इड का ख्याल! पटना के युवक ने मनोज तिवारी से मांगी मदद!
YouTube video link...https://youtu.be/piOB1IuJljo
### **सट्टे की लत, कर्ज का जाल और सुसाइड का ख्याल! पटना के युवक ने मनोज तिवारी से मांगी मदद, कहा— 'प्लीज बचा लीजिए सर'**
ऑनलाइन सट्टेबाजी और फैंटेसी गेमिंग की लत ने एक और युवा को जिंदगी और मौत के बीच खड़ा कर दिया है। बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले एक युवक ने बीजेपी सांसद और भोजपुरी सिनेमा के मशहूर चेहरे मनोज तिवारी से मदद की गुहार लगाई है। युवक ने सांसद को व्हाट्सएप पर कई मैसेज भेजकर बताया कि वह कर्ज में डूब चुका है, उसकी नौकरी छूट गई है और अब आत्महत्या करने का मन कर रहा है।
### **मनोज तिवारी ने किया खुलासा**
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने इस पूरे मामले का खुलासा खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया। उन्होंने युवक के मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा,
*"कुछ दिन पहले मैंने अपने पॉडकास्ट में अपना नंबर शेयर किया था, ताकि जरूरतमंद लोग मुझसे संपर्क कर सकें। अब कई युवाओं के ऐसे मैसेज आ रहे हैं जो बेहद चिंता का विषय हैं।"*
उन्होंने आगे कहा कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के कारण कई युवा भारी संकट में फंस रहे हैं। इस समस्या का समाधान निकालना बेहद जरूरी हो गया है।
### **क्या लिखा था युवक ने?**
मनोज तिवारी को भेजे गए मैसेज में युवक ने अपना नाम केतन आनंद बताया और लिखा,
*"हैलो सर… मेरा नाम केतन आनंद है। मैं पटना, बिहार से हूं। मुझे बहुत परेशानी हो रही है। मैंने आपका वीडियो देखा था और वहीं से आपका नंबर मिला। सर, मुझे सट्टा खेलने की बहुत बुरी आदत लग गई थी, जिसकी वजह से मैंने बहुत पैसे गंवा दिए।"*
इसके बाद उसने अपने कर्ज का जिक्र करते हुए लिखा,
*"मैंने इधर-उधर से कर्ज ले लिया और सारे पैसे फैंटेसी ऐप में हार गया। अब कर्ज इतना बढ़ चुका है कि चुका नहीं पा रहा हूं। मेरी नौकरी भी छूट गई है। समझ नहीं आ रहा क्या करूं। एक मन करता है सुसाइड कर लूं, लेकिन फिर सोचता हूं कि मेरे बाद कर्ज वाले मेरे घरवालों को परेशान करेंगे। प्लीज सर, मेरी हेल्प कर दीजिए।"*
### **ऑनलाइन सट्टेबाजी ने बर्बाद किए हजारों युवा**
यह कोई पहली घटना नहीं है जब ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के कारण किसी की जिंदगी तबाह हुई हो। पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां युवाओं ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर पैसे गंवाने के बाद आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
फैंटेसी स्पोर्ट्स, ऑनलाइन सट्टा और गेमिंग ऐप्स युवाओं को त्वरित पैसा कमाने का सपना दिखाते हैं। लेकिन यह लालच उन्हें धीरे-धीरे बर्बाद कर देता है। कई युवा इन ऐप्स में लाखों रुपए गंवा चुके हैं और जब कर्ज का बोझ बढ़ जाता है तो उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचता।
### **क्या कर रही है सरकार?**
ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर कई राज्यों में विरोध हो चुका है। कुछ राज्यों ने इन ऐप्स को बैन करने की कोशिश की है, लेकिन कई कंपनियां नए नाम और नए तरीकों से वापसी कर लेती हैं।
अब सवाल यह उठता है कि सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम कब उठाएगी? क्या इन ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगेगा? क्या युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए कोई सख्त कानून बनाया जाएगा?
### **समाज की भी जिम्मेदारी**
केवल सरकार ही नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह युवाओं को इस लत से बचाए। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें।
युवाओं को भी समझना होगा कि त्वरित पैसा कमाने का लालच उन्हें अंधे कुएं में धकेल सकता है। जो लोग इस लत में फंस चुके हैं, उन्हें समय रहते बाहर निकलने की कोशिश करनी चाहिए।
### **क्या मनोज तिवारी करेंगे मदद?**
फिलहाल, मनोज तिवारी ने यह साफ नहीं किया कि वह इस युवक की मदद कैसे करेंगे। लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि वह उससे बातचीत कर उसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या इस युवक को कोई राहत मिलेगी या यह भी उन हजारों कहानियों में से एक बनकर रह जाएगा, जो ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से बर्बाद हो गईं।
**आपकी क्या राय है? क्या सरकार को ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं।**
0 Response to "सट्टे की लत,कर्ज का जाल और सुसा/इड का ख्याल! पटना के युवक ने मनोज तिवारी से मांगी मदद!"
एक टिप्पणी भेजें