2000 की पेंशन, सस्ता लोन और रोजगार ! बिहार में प्रशांत किशोर का बड़ा दांव या महज चुनावी छलावा?"

2000 की पेंशन, सस्ता लोन और रोजगार ! बिहार में प्रशांत किशोर का बड़ा दांव या महज चुनावी छलावा?"


 YouTube video link...https://youtu.be/8h7HmdaaMC8

### **2000 की पेंशन, सस्ता लोन और रोजगार! बिहार में प्रशांत किशोर का बड़ा दांव या महज चुनावी छलावा?**  

बिहार की राजनीति में इस समय हलचल तेज़ है। विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादों की बौछार हो रही है। इस बार चर्चा में हैं **प्रशांत किशोर** और उनकी **जन सुराज पार्टी**, जिन्होंने बिहार की जनता से **पांच बड़े चुनावी वादे** किए हैं।  

इन वादों में सबसे ज्यादा चर्चा **2000 रुपये मासिक पेंशन, सस्ता लोन, रोजगार, किसानों की आर्थिक मजबूती और शिक्षा सुधार** की हो रही है। लेकिन सवाल ये उठता है कि **क्या यह वादे पूरे होंगे या फिर यह भी चुनावी जुमला बनकर रह जाएंगे?**  

### **क्या हैं प्रशांत किशोर के पांच बड़े वादे?**  


प्रशांत किशोर ने बिहार की जनता को लुभाने के लिए पांच बड़े वादे किए हैं। आइए जानते हैं कि ये वादे क्या हैं और क्या ये बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे सकते हैं—  


### **1. युवाओं का पलायन रोकने का दावा**  

बिहार से हर साल लाखों युवा **रोजगार की तलाश में दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों का रुख करते हैं।** प्रशांत किशोर का दावा है कि **जन सुराज की सरकार बनते ही बिहार में ही 10-15 हजार रुपये की मासिक आमदनी वाले रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे।**  


लेकिन बड़ा सवाल यह है कि **सरकार ऐसा कौन-सा जादू करेगी, जिससे बिहार में उद्योग-धंधे रातोंरात खड़े हो जाएंगे?**  


### **2. 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को 2000 रुपये मासिक पेंशन**  

फिलहाल बिहार सरकार **बुजुर्गों को 400 रुपये की पेंशन** देती है। प्रशांत किशोर ने वादा किया है कि **जन सुराज सरकार बनने पर यह राशि 2000 रुपये कर दी जाएगी।**  


लेकिन यहां सवाल उठता है कि **इतनी बड़ी राशि देने के लिए सरकार के पास फंड कहां से आएगा?** बिहार पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ है, ऐसे में यह योजना कितनी व्यावहारिक होगी?  


### **3. किसानों की आमदनी बढ़ाने का वादा**  

बिहार के किसान **आज भी गरीबी और कर्ज में डूबे हुए हैं।** प्रशांत किशोर ने कहा है कि **मनरेगा को खेती से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को मुफ्त मजदूर मिलेंगे और उनकी लागत कम होगी।**  


यह सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन **क्या सरकार इतनी बड़ी योजना को सही से लागू कर पाएगी?**  


### **4. महिलाओं को सस्ता लोन**  

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए **जन सुराज सरकार सिर्फ 4% सालाना ब्याज दर पर लोन देगी।**  


अभी **जीविका योजना के तहत ऊंची ब्याज दर पर लोन दिया जाता है,** लेकिन अगर जन सुराज की सरकार बनी तो **महिलाओं को सस्ते दर पर कर्ज मिलेगा, जिससे वे अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकेंगी।**  


### **5. सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने का वादा**  

बिहार के सरकारी स्कूलों की हालत किसी से छिपी नहीं है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि **अगर सरकारी स्कूल अच्छा नहीं पढ़ा पा रहे हैं, तो गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने का मौका मिलेगा और उनकी फीस सरकार देगी।**  


यह योजना अच्छी लगती है, लेकिन **क्या बिहार सरकार के पास इतना बजट होगा कि लाखों बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा सके?**  


### **जनता को लुभाने का मास्टरस्ट्रोक या सिर्फ चुनावी छलावा?**  


प्रशांत किशोर के इन वादों को लेकर बिहार में सियासी पारा चढ़ गया है।  

- **आरजेडी और जेडीयू** ने इसे चुनावी स्टंट बताया है।  

- **बीजेपी** ने कहा कि **ऐसे वादे हर चुनाव में किए जाते हैं, लेकिन पूरे कभी नहीं होते।**  

- वहीं, **प्रशांत किशोर का दावा है कि उनकी सरकार बनी तो बिहार को देश के 10 अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।**  

### **क्या बिहार की जनता इस बार नया विकल्प चुनेगी?**  

बिहार की राजनीति जातीय समीकरणों पर चलती है। यहां चुनाव सिर्फ वादों पर नहीं, **बल्कि जातीय गणित पर जीते जाते हैं।**  

- क्या बिहार की जनता **नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव** को छोड़कर प्रशांत किशोर को मौका देगी?  

- क्या **बिहार का राजनीतिक भविष्य बदलने वाला है या फिर ये वादे भी सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह जाएंगे?**  

### **जनता की अदालत में फैसला**  

अब गेंद जनता के पाले में है। बिहार की जनता को तय करना है कि **क्या वह नए चेहरे को मौका देना चाहती है, या फिर वही पुराना खेल चलेगा?**  

**आपको क्या लगता है?**  

क्या प्रशांत किशोर का यह दांव बिहार में चलेगा, या यह भी सिर्फ **एक और चुनावी जुमला बनकर रह जाएगा?**  

**अपनी राय कमेंट में बताएं और जुड़े रहें हमारे साथ APN News पर, जहां आपको मिलेगी सबसे तेज़ और सटीक खबरें।**

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