सिंधु जल संधि पर झुका पाकिस्तान: भारत से पानी की भीख मांगता इस्लामाबाद!

सिंधु जल संधि पर झुका पाकिस्तान: भारत से पानी की भीख मांगता इस्लामाबाद!


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### **'सिंधु जल समझौते पर फिर से करें विचार': ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के सामने झुका पाकिस्तान**

**नई दिल्ली**:

भारत की सैन्य कार्रवाई और सिंधु जल समझौते पर कड़े रुख के बाद पाकिस्तान की सरकार अब भारत के सामने नरम होती दिख रही है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल समझौते को *स्थगित* कर दिया था। अब इसी फैसले को पलटवाने के लिए पाकिस्तान ने भारत से *औपचारिक अनुरोध* किया है।

बुधवार, 14 मई को पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव **सय्यद अली मुर्तज़ा** ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखी। इस पत्र में कहा गया कि सिंधु जल संधि के स्थगन का सबसे बड़ा असर पाकिस्तान की **खरीफ फसल** पर पड़ा है और देश गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। मुर्तज़ा ने अपील की कि भारत इस फैसले पर "पुनर्विचार" करे और सिंधु जल आपूर्ति को फिर से शुरू करे।


#### **भारत की चेतावनी – "पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते"**


प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** ने पहलगाम हमले के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान के साथ अब *पुराने नियम* नहीं चलेंगे। उन्होंने कहा था —


> "*पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।*"

> यह बयान अब केवल शब्द नहीं रहा, बल्कि भारत की नई कूटनीति की पहचान बन चुका है।


पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई को अभी केवल **स्थगित** किया गया है, रोका नहीं गया। भारत अब पाकिस्तान के व्यवहार के आधार पर आगे की नीति तय करेगा।


#### **विदेश मंत्री की गीदड़भभकी**


पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री **इशाक डार** ने भारत को चेतावनी दी कि अगर सिंधु जल समझौते को फिर से लागू नहीं किया गया और पानी को मोड़ने की कोशिश की गई, तो **भारत-पाक युद्धविराम** खतरे में पड़ सकता है।

उन्होंने कहा,


> "*हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं, लेकिन जल संकट का जल्द समाधान जरूरी है।*"


#### **पहलगाम हमला और 'ऑपरेशन सिंदूर' की पृष्ठभूमि**


22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आत्मघाती हमले में **26 पर्यटकों की मौत** हुई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक बुलाई और कई अहम फैसले लिए गए:


* सिंधु जल समझौते को स्थगित करना

* पाकिस्तान को जारी सभी वीज़ा रद्द करना

* वाघा-अटारी बॉर्डर को बंद करना

* पाकिस्तान हाई कमीशन में स्टाफ घटाना


इन कदमों के साथ ही भारत ने **ऑपरेशन सिंदूर** के तहत पाकिस्तान और पीओके में **9 आतंकी ठिकानों** को ध्वस्त किया।


#### **पाकिस्तान में पानी की किल्लत – फसलों पर संकट**


सिंधु जल समझौते के तहत भारत रावी, व्यास और सतलुज नदियों का पानी अपने पास रख सकता है, जबकि झेलम, चिनाब और सिंधु का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान को मिलता है। इस जल बंटवारे की शर्तों को अब भारत पुनः परिभाषित करना चाहता है।


अब जब भारत ने सिंधु जल की आपूर्ति पर रोक लगाई है, तो पाकिस्तान के लिए सिंचाई और पीने के पानी की भारी किल्लत खड़ी हो गई है। इसका सबसे बड़ा असर देश की *खरीफ फसल* पर पड़ा है, जो पूरी तरह बारिश और नदी जल पर निर्भर होती है।


#### **क्या भारत अपना फैसला बदलेगा?**


फिलहाल भारत सरकार की तरफ से पाकिस्तान की इस चिट्ठी पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि "भारत अब आतंकवाद और कूटनीति को एकसाथ नहीं देखेगा।"


#### **निष्कर्ष**


भारत-पाकिस्तान के रिश्ते एक नए मोड़ पर हैं। एक तरफ पाकिस्तान झुककर संधि को फिर से शुरू करवाना चाहता है, दूसरी ओर भारत अब पुराने समझौतों की समीक्षा के मूड में है।

जल अब केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं रहा, यह भारत की कूटनीतिक ताकत बन चुका है — और यही संदेश भारत ने ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि पर रोक के ज़रिए साफ कर दिया है।


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