भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच नोएडा और गाजियाबाद में हाई अलर्ट, प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर
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**भारत-पाकिस्तान सीमा तनाव पर राजनीतिक नेताओं की एकजुटता: पाकिस्तान को चेतावनी, सेना को समर्थन**
भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सीमा पर तनाव गहराता जा रहा है। ऐसे में भारत के राजनीतिक दलों की ओर से देश की सुरक्षा और भारतीय सेना के समर्थन में एकजुटता दिखाई दे रही है। हाल ही में बिहार से कई नेताओं के बयान सामने आए हैं, जिनमें पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी गई है और देश की सेनाओं को खुला समर्थन दिया गया है।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि देश की सुरक्षा के मुद्दे पर अब राजनीति का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने सर्वदलीय बैठक के दौरान केंद्र सरकार को पूर्ण समर्थन देने की बात कही और कहा कि हमारी सेना ने हर बार पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। तेजस्वी ने जोर देते हुए कहा, "अगर पाकिस्तान को दो टुकड़ों में बांटने के लिए कोई जिम्मेदार था, तो वह भारतीय सेना थी। आज भी सेना हर मोर्चे पर डटकर मुकाबला कर रही है।"
इसी क्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता पीएम मोदी के साथ है और देश अब पहले जैसा नहीं रहा। भारत अब अपनी सैन्य शक्ति दिखाने में सक्षम है और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए तैयार है।
बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह ने भी भारत की रक्षा नीति पर बोलते हुए कहा कि देश के पास ऐसे कई हथियार और सैन्य प्रणालियां हैं, जिनका अभी तक पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा संयम बरता है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो आक्रामक रुख अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
सबसे तीखा बयान बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सिंह का आया, जिन्होंने कहा, "अगर पाकिस्तान अपनी लापरवाह हरकतों से बाज नहीं आया, तो वह दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान दुनिया के नक्शे से गायब हो जाएगा।" उन्होंने कहा कि भारत को उकसाना पाकिस्तान की सबसे बड़ी भूल होगी और भारत अब जवाब देने के लिए तैयार है।
इन बयानों से स्पष्ट है कि जब बात देश की सुरक्षा की हो, तो राजनीतिक मतभेद भुलाकर सभी नेता एक साथ खड़े हैं। सर्वदलीय बैठकें, बयान और जनता का समर्थन यह साबित करते हैं कि पूरा देश भारतीय सेना के साथ मजबूती से खड़ा है। भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि निर्णायक कदम उठाने वाला राष्ट्र बन चुका है।
इस समय जब सीमा पर हालात गंभीर हैं, देशवासियों से अपील की जा रही है कि वे संयम बरतें, अफवाहों से बचें और सेना व सरकार पर भरोसा बनाए रखें। भारत ने हमेशा शांति की बात की है, लेकिन अब जरूरत पड़ी तो जवाब देने में भी देर नहीं करेगा। देश एकजुट है, सेना तैयार है और हर भारतीय अपने देश के साथ खड़ा है।
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