तेजस्वी यादव कोऑर्डिनेटर नहीं, ऑर्डिनेटर हैं’

तेजस्वी यादव कोऑर्डिनेटर नहीं, ऑर्डिनेटर हैं’


 YouTube video link....https://youtu.be/fJpb610no3k

‘तेजस्वी यादव कोऑर्डिनेटर नहीं, ऑर्डिनेटर हैं’ — दिलीप जायसवाल का करारा तंज!

बिहार की सियासत में इस समय चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। हर पार्टी अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में हाल ही में महागठबंधन की पहली औपचारिक बैठक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। इस बैठक में तेजस्वी यादव को महागठबंधन की समन्वय समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया, लेकिन इस पर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने तीखा तंज कसा है।  


दिलीप जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा कि तेजस्वी यादव ‘कोऑर्डिनेटर’ नहीं बल्कि ‘ऑर्डिनेटर’ हैं। यानी उनका इशारा इस ओर था कि तेजस्वी सिर्फ नाम के समन्वयक हैं, असल में वो महागठबंधन की पार्टियों पर हुक्म चलाने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने महागठबंधन के भीतर कांग्रेस की स्थिति पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस अब बिहार में एक ‘झोला उठाने वाली पार्टी’ बनकर रह गई है।  


इतना ही नहीं, जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस को तेजस्वी यादव के साथ चलना मजबूरी में पड़ रहा है और तेजस्वी कांग्रेस को और नीचे गिराने की कोशिश में लगे हुए हैं। यह बयान साफ तौर पर महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है।  


वहीं राहुल गांधी पर भी दिलीप जायसवाल ने कटाक्ष करते हुए कहा, "भगवान का शुक्र है कि आजादी के इतने सालों बाद कांग्रेस को महिलाओं के सम्मान की याद आई। जय हो राहुल गांधी!" उनके इस बयान से यह साफ है कि बीजेपी कांग्रेस के महिला सम्मान के एजेंडे को भी चुनावी मुद्दा बना रही है।  


महागठबंधन की पहली बैठक में तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी, पलायन, गरीबी और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की थी। लेकिन बीजेपी ने इसे सिर्फ एक दिखावा बताया है और महागठबंधन की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।  


अब देखना यह दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव और कांग्रेस इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और चुनावी मैदान में जनता के बीच अपनी सफाई कैसे पेश करते हैं। बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर तो अभी और तेज़ होने वाला है।  


**तो साफ है — चुनावी बिगुल बज चुका है, नेताओं के शब्दों के वार से सियासी तापमान भी चढ़ने लगा है।**

0 Response to "तेजस्वी यादव कोऑर्डिनेटर नहीं, ऑर्डिनेटर हैं’ "

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article