Tejashwi के किले में सेंध लगाने उतरे कन्हैया कुमार, कांग्रेस की नई चाल से बदलेंगे चुनावी समीकरण?
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**बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर! तेजस्वी के किले में सेंध लगाने उतरे कन्हैया कुमार, कांग्रेस की नई चाल से बदलेंगे चुनावी समीकरण?**
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस अब महागठबंधन में सिर्फ तेजस्वी यादव के सहारे नहीं रहना चाहती, बल्कि अपना एक अलग मजबूत चेहरा बनाने की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने इस बात के संकेत दिए हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में कन्हैया कुमार पार्टी के लिए एक बड़ा चेहरा होंगे। इसका मतलब साफ है कि कांग्रेस अब बिहार में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए नई रणनीति अपना रही है, जिसमें तेजस्वी यादव के मुकाबले कन्हैया कुमार को खड़ा किया जा सकता है।
### **क्या तेजस्वी के मुकाबले कन्हैया? कांग्रेस की नई रणनीति क्या कहती है?**
महागठबंधन में अब तक राजद का दबदबा रहा है और तेजस्वी यादव को ही अगला मुख्यमंत्री चेहरा माना जाता रहा है। लेकिन कांग्रेस की हालिया गतिविधियां इशारा कर रही हैं कि पार्टी अब तेजस्वी पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहती। कांग्रेस की कोशिश है कि वह बिहार में अपना स्वतंत्र राजनीतिक कद बढ़ाए और इसके लिए कन्हैया कुमार को फ्रंटफुट पर लाया जा रहा है।
राजेश कुमार ने स्पष्ट कहा कि पार्टी अच्छे वक्ताओं को जनहित के मुद्दों से जोड़ती है और कन्हैया कुमार को पार्टी में एक बड़ी भूमिका दी गई है। कांग्रेस को लगता है कि कन्हैया बिहार के युवाओं, छात्रों और वामपंथी विचारधारा वाले वोटर्स के बीच अपनी खास पकड़ रखते हैं, जिसका फायदा विधानसभा चुनाव में मिल सकता है।
### **कन्हैया को कांग्रेस में बड़ा प्रमोशन! तेजस्वी के लिए नई चुनौती?**
कन्हैया कुमार को कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा काफी समय से चल रही थी, लेकिन अब यह लगभग साफ हो गया है कि वे पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक होंगे। इसका सीधा असर बिहार की राजनीति पर पड़ सकता है। कांग्रेस का यह दांव तेजस्वी यादव और राजद के लिए चुनौती बन सकता है।
हालांकि, कांग्रेस ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह तेजस्वी यादव को सीएम चेहरे के तौर पर स्वीकार करेगी या नहीं। लेकिन कांग्रेस की यह रणनीति दिखाती है कि वह अब महागठबंधन में ज्यादा हिस्सेदारी चाहती है और सिर्फ सहयोगी दल बनकर नहीं रहना चाहती।
### **मंदिर धुलवाने पर कन्हैया का विवाद, कांग्रेस का पलटवार**
हाल ही में कन्हैया कुमार ‘पलायन रोको यात्रा’ के दौरान बिहार के सहरसा जिले में एक मंदिर गए थे, जिसके बाद वहां के पुजारियों ने कथित तौर पर मंदिर को गंगाजल से धुलवाया। इस मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा और जदयू सरकार को घेरा और कहा कि बिहार सरकार धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले पर कहा कि यह घटना बिहार में जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता को दर्शाती है।
### **क्या बदलेंगे बिहार के चुनावी समीकरण?**
कांग्रेस के इस नए पैंतरे के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एक तरफ तेजस्वी यादव की पकड़ राज्य में मजबूत है, तो दूसरी ओर कन्हैया कुमार को आगे लाकर कांग्रेस अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस का यह दांव सफल होगा? क्या कन्हैया कुमार तेजस्वी यादव के प्रभाव को कम कर पाएंगे या फिर यह रणनीति महागठबंधन में ही नया विवाद खड़ा कर देगी?
आने वाले चुनावी महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की राजनीति किस करवट बैठती है। लेकिन इतना तय है कि कांग्रेस की यह नई चाल बिहार के सियासी समीकरणों में हलचल जरूर मचाने वाली है।
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